महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाडी केंद्र क्रमांक-1 पर प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री नीलम चौहान व परियोजना अधिकारी श्री पंकज दवे एवं पर्यवेक्षक श्रीमती हेमकांता मालवीय की उपस्थिती में आंगनवाडी केंद्रों का प्रशिक्षण सह बैठक का आयोजन किया गया।जिसमें सर्वप्रथम प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के पात्र हितग्राहियों का शत-प्रतिशत पंजीयन करने एवं द्वितीय प्रसव पर जन्मी बालिकाओ का पंजीयन करने के निर्देश दिए। साथ ही शालापूर्व शिक्षा कि गतिविधिया बेहतर करने के लिए 3 से 6 वर्ष के बच्चों के माता-पिता से गृहभेट करने एवं हितग्राहियों को टीएचआर प्रदाय करने के लिए ईकेवायसी अपडेट करने के निर्देश दिये। साथ ही लाडली लक्ष्मी बालिकाए छात्रवृत्ति से वंचित न रहे एवं 11 से संचालित वजन अभियान के दौरान समस्त बच्चों का वजन ले और गंभीर कुपोषित बच्चो को पोषण पुर्नवास केंद्र भिजवान सुनिश्चित करें।इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को शौर्यदल के कार्य, दायित्व कि जानकारी देते हुए बाल विवाह रोकथाम में शौर्यदल के समस्त सदस्यों का सहयोग लेने, समाज प्रमुखों के साथ संवाद करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर परियोजना अधिकारी श्री भगवती लाल मालवीय के मार्गदर्शन में पर्यवेक्षक श्रीमती माया मीमरोट के नेतृत्व में बेटी बचाओ बेटी पढाओ के तहत बाल विवाह रोकथाम कि कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें समाज प्रमुखों से अपील कि गई कि बालक एवं बालिकाओ का विवाह ना करे। बालविवाह एक सामजिक कुप्रथा है, जिसके कारण न केवल उनका बचपन प्रभावित होता है, बल्कि उनका शारीरिक व मानसिक विकास भी बाधित होता है। बाल विवाह अपराधो से बचे, यदि कही बाल विवाह होना पाया जाए, तो उसकी सूचना नजदीकी थाने व परियोजना कार्यालय महिला एवं बाल विकास व प्रशासक को या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दी जा सकती है एवं परियोजना अधिकारी श्री ललित कुमार राठौर के निर्देशन में आज ग्राम खरदौनकला में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम अंतर्गत बाल विवाह रोकने के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें ग्राम पंचायत सरपंच, सभी धर्मों के धार्मिक गुरु, विकासखंड समन्वयक श्री सुरेंद्र सिंह मेवाडा, पर्यवेक्षक श्रीमती संगीता मंडराई और सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रही।