नर्मदापुरम में औबेदुल्लागंज-बैतूल नेशनल हाईवे-46 पर निटाया के पास शनिवार तड़के 4 बजे तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्राले से टकराने के बाद डिवाइडर से जा टकराई। हादसे में कार सवार हिंगनघाट (नागपुर) निवासी विशाल बाड़कुरे (28) और मासोध (मुलताई) निवासी ज्ञान सिंह (62) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक रूपेश गहलोत गंभीर रूप से घायल है। तीनों कार से रिश्तेदारी के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नागपुर से शाजापुर के बेरछा जा रहे थे। वर्तमान में पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करा दिया है और घायल चालक का सरकारी अस्पताल नर्मदापुरम में इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक कार काफी तेज रफ्तार में थी। अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्राले से टकरा गई और फिर डिवाइडर से भिड़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।
ईएमटी ने दिया प्राथमिक उपचार, अस्पताल में भर्ती है चालक
घटना की सूचना मिलते ही इटारसी से 108 एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंची। ईएमटी विसराम अहिरवार ने मौके पर ही घायल चालक रूपेश गहलोत को प्राथमिक उपचार देकर उनकी स्थिति को संभाला। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से घायल को सरकारी अस्पताल नर्मदापुरम पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
एएसआई मौके पर पहुंचे, सुबह हुआ पोस्टमार्टम
हादसे की जानकारी मिलने के बाद एएसआई दीपक पाराशर मौके पर पहुंचे और परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलने पर परिजन भी नर्मदापुरम पहुंच गए, जिसके बाद शनिवार सुबह पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
नरेंद्र नगर में बंद हई सप्लाई इटारसी शहर में इन दिनों जलसंकट गहरा गया है। वार्ड क्रमांक 33 के निवासियों ने पानी की गंभीर समस्या को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थानीय नेताओं से शिकायत की। इसके बाद नगर पालिका ने क्षेत्र में पानी के टैंकरों की व्यवस्था की। वहीं, पुरानी इटारसी के वार्ड 4 सहित कई क्षेत्रों में गंदे और बदबूदार पानी की आपूर्ति से लोग परेशान हैं।वार्ड 33 के निवासियों ने बताया कि वे लंबे समय से पानी की किल्लत से जूझ रहे थे, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था। कांग्रेस नेताओं ने शिकायत मिलने के बाद तत्काल नगर पालिका अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में पानी के टैंकरों की व्यवस्था की गई।
बीमारियों का खतरा बढ़ा पुरानी इटारसी क्षेत्र में पिछले लगभग दो महीनों से सरकारी नलों से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। निवासियों ने इस समस्या की कई बार नगर पालिका में शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि गंदे पानी के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि पुरानी इटारसी में गंदे पानी की समस्या के समाधान के लिए पहले कुछ पाइपलाइनें बदली गई थीं, जिससे कुछ समय के लिए साफ पानी आने लगा था। समस्या दोबारा सामने आने पर अब अन्य पाइपलाइनें बदलने का काम शुरू कर दिया गया है, ताकि स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
यहां बंद हुई सप्लाई इसके अतिरिक्त, नरेंद्र नगर क्षेत्र में भी पानी की समस्या बनी हुई है। यहां की सबमर्सिबल मोटर जल जाने के कारण पानी की आपूर्ति बाधित हुई है। नगर पालिका ने बताया कि मोटर की मरम्मत का कार्य जारी है और जल्द ही पानी की आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। पुरानी इटारसी के वार्ड क्रमांक 4 में भी गंदे पानी की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। नलों से बदबूदार पानी आने के कारण निवासियों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका से तत्काल समस्या का समाधान कर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
जनगणना 2027 प्रशिक्षण
जनगणना 2027 की तैयारियों के अंतर्गत जिले में संचालित फील्ड ट्रेनर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत द्वितीय बैच के तीसरे दिन का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ट्रेनर्स को व्यवहारिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से फील्ड विजिट कराई गई, जिससे उन्हें जमीनी स्तर पर कार्य की वास्तविक परिस्थितियों से अवगत कराया जा सके। इसके साथ ही प्रशिक्षण सत्र को अधिक प्रभावी एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए रोल प्ले, क्विज प्रतियोगिता तथा फीडबैक फॉर्म भरवाए गए। जिला प्रभारी जनगणना सुश्री आयुषी यादव, मास्टर ट्रेनर पंकज दुबे ने प्रशिक्षण प्रदान किया। इन गतिविधियों के माध्यम से फील्ड ट्रेनर्स को जनगणना कार्य से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के माध्यम से फील्ड स्तर पर कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ आने वाली चुनौतियों के समाधान के लिए ट्रेनर्स को सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जनगणना 2027 के सफल संचालन हेतु जिले में चरणबद्ध रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके तहत पूर्व में भी 24 मार्च से 26 मार्च तक 27 फील्ड ट्रेनर को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।
राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने उठाई मध्य प्रदेश के ओलावृष्टि प्रभावित किसानों की आवाज
मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई अत्यधिक ओलावृष्टि, भारी वर्षा और तेज हवाओं के कारण किसानों की तैयार रबी फसलों को हुए भारी नुकसान का मुद्दा आज राज्यसभा में गूंजा। मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने 'विशेष उल्लेख' (Special Mention) के माध्यम से सदन और सरकार का ध्यान प्रदेश के गंभीर कृषि संकट की ओर आकर्षित किया। सांसद नारोलिया ने सदन में बताया कि प्रदेश के लगभग 25 जिले, विशेष रूप से उज्जैन, धार, रतलाम और शाजापुर में गेहूं और अन्य रबी की फसलें पूरी तरह तबाह हो गई हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "कटाई के इस चरम समय पर गेहूं की फसल गिरने और दानों के झड़ने से किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया है।" फसल के साथ-साथ सिंचाई पाइप और भंडारण जैसी कृषि संपत्तियों को भी भारी क्षति पहुंची है। किसानों की चिंता साझा करते हुए श्रीमती नारोलिया ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और जिलावार क्षति का सटीक सर्वे कर रिपोर्ट पूर्ण करने की समय-सीमा तय की जाए। प्रभावित क्षेत्रों में NDRF और SDRF के मानदंडों के अनुसार अतिरिक्त केंद्रीय सहायता प्रदान की जाए। 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' के तहत सरलीकृत दस्तावेजीकरण के साथ किसानों को समय पर मुआवजा सुनिश्चित हो तथा सरकारी केंद्रों पर फसल की गुणवत्ता के मानकों में थोड़ी ढील देते हुए सुचारू खरीद सुनिश्चित की जाए जैसे मुख्य सुझाव रखे। उन्होंने अंत में सरकार से विनम्रतापूर्वक आग्रह किया कि संकट की इस घड़ी में अन्नदाताओं को पारदर्शी और न्यायपूर्ण राहत पहुंचाने के लिए अविलंब कदम उठाए जाएं।
सोहागपुर तहसील के ग्राम सेमरी हरचंद में एसडीएम प्रियंका भलावी के नेतृत्व में घरेलू गैस सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग पर दो प्रकरण दर्ज किए गए। प्रेम नारायण कुशवाहा और रजनी कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई की गई, जो क्रमशः एचपी गैस और भारत गैस के घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक रूप से उपयोग कर रहे थे। एसडीएम और तहसीलदार सोहागपुर की उपस्थिति में मौका पंचनामा तैयार कर सुपुर्दगी की कार्यवाही की गई।
गत दिवस शोभापुर सोहागपुर स्थित राजस्थान मिष्ठान भंडार में खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा शिकायत के आधार पर जांच की गई। इस दौरान मलाई पेड़ा और बर्फी के नमूने लिए गए और एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ पाए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र सिंह राणा ने संबंधित विक्रेता के विरुद्ध दस्तावेज तैयार किए हैं। संग्रहित नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा प्रशासन द्वारा चलित खाद्य प्रयोगशाला द्वारा शोभापुर एवं पिपरिया के पानीपुरी, चाट एवं अन्य स्ट्रीट फूड विक्रेताओ को प्रशिक्षण दिया गया।
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