नर्मदापुरम। आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भाजपा सरकार की कथित किसान विरोधी नीतियों के विरोध में पीपल चौक, नर्मदापुरम में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पाण्डे एवं जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष विजय बाबू चौधरी ने किया।धरना प्रदर्शन में जिले के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र एवं राज्य की भाजपा सरकार पर किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया और विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की।नेताओं ने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। फसलों के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे किसानों की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है।कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा, लेकिन स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही।
रायसेन। मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर सियासत तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में रायसेन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित सागर तिराहे कामधेनु परिसर में धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन गेहूं खरीदी में देरी और किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आयोजित किया गया। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व सिलवानी विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र पटेल ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। विधायक से लेकर पार्टी पदाधिकारियों तक सभी ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। धरने को संबोधित करते हुए देवेंद्र पटेल ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि कई गेहूं खरीदी केंद्र अब तक पूरी तरह शुरू नहीं हो पाए हैं, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान प्रमुख मांगें भी रखीं, जिनमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी सुनिश्चित करना और किसानों को समय पर भुगतान करना शामिल है। इसके अलावा किसानों का ब्याज माफ कर उन्हें ऋण मुक्त करने, खरीदी केंद्र तत्काल शुरू करने, केंद्रों पर पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था करने और गेहूं खरीदी की सीमा समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। साथ ही, जिन किसानों ने सोसायटी का भुगतान नहीं किया है, उनकी भुगतान तिथि बढ़ाने की मांग भी कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई।
भोपाल। मध्य प्रदेश में रबी विपणन वर्ष के तहत गेहूं खरीदी की शुरुआत इस बार अजब-गजब हालातों के बीच हुई है। एक ओर सरकार ने समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी शुरू करने का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने किसानों को लेकर सरकार पर वादाखिलाफी और अव्यवस्थाओं के गंभीर आरोप लगाए हैं।प्रदेश के अलग-अलग जिलों से मिली तस्वीरें एक मिश्रित स्थिति को दर्शाती हैं। कहीं खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था को लेकर किसानों में नाराजगी है, तो कहीं एमएसपी और नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर राजनीतिक प्रदर्शन हो रहे हैं। कई स्थानों पर किसानों ने चक्काजाम कर सड़कों पर उतरकर विरोध जताया, जिससे आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।वहीं कुछ जिलों में गेहूं बेचने को लेकर किसानों की उदासीनता भी सामने आई है, जिसने सरकारी नीतियों और व्यवस्थाओं पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्थिति इस बात की ओर इशारा करती है कि जमीनी स्तर पर कई समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं।कुल मिलाकर, गेहूं खरीदी की शुरुआत के साथ ही मध्य प्रदेश में प्रशासनिक तैयारियों, राजनीतिक टकराव और किसानों की वास्तविक समस्याओं की एक जटिल तस्वीर सामने आई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
इटारसी। इटारसी तहसील में वर्ष 2026-27 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी का कार्य गुरुवार से प्रारंभ हो गया। खेड़ा स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में एसडीएम नीलेश कुमार शर्मा एवं मंडी सचिव प्रशांत कुमार पांडे की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजन कर खरीदी केंद्र का उद्घाटन किया गया। इस दौरान मंडी पहुंचे किसानों का स्वागत करते हुए तौल कांटों की पूजा के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इस वर्ष प्रशासन ने गेहूं खरीदी का लक्ष्य बढ़ाते हुए 4 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 6 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया है। इसके लिए इटारसी तहसील में 17 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जहां पंजीकृत किसानों से गेहूं की खरीदी की जाएगी।केंद्रों पर बेहतर आवक सुनिश्चित करने के लिए 6000 से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। प्रशासन का मानना है कि इस संख्या के आधार पर इस बार खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में गेहूं पहुंचेगा और किसानों को उनकी फसल का भुगतान निर्धारित दर पर किया जाएगा।किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खरीदी केंद्रों पर तौल कांटे, बारदाना, छाया और पेयजल जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा बैठने और सुरक्षा के भी उचित प्रबंध किए गए हैं ताकि पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके। प्रबंधन को सुचारु बनाए रखने के लिए केंद्रों पर कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। अधिकारियों ने किसानों से आग्रह किया है कि वे तय समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी उपज लेकर केंद्रों पर पहुंचे, जिससे खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए और उन्हें समय पर उचित मूल्य मिल सके।
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