नर्मदापुरम नगरपालिका के अतिक्रमण दल का पूर्व प्रभारी पहुंचा जेलहाथ पकड़कर पुलिस जवान ने सरकारी गाड़ी में बैठाया, छेड़छाड़-आईटी एक्ट का मामला
महिला के नाम से आईडी से मैसेज-फोटो भेजे इटारसी निवासी एक युवती को आरोपी सुनील राजपूत ने तीन माह पहले फेसबुक पर फर्जी आईडी से अश्लील मैसेज और फोटो भेजे थे। स्वास्थ्य खराब होने के कारण 5 फरवरी को पीड़िता नर्मदापुरम के एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। वह करीब 11 दिन अस्पताल में रही और इसी दौरान 14 फरवरी की सुबह 'सौरभ साहू' नाम की फेसबुक आईडी से उसके मैसेंजर पर आपत्तिजनक मैसेज आए।
उसी रात एक महिला के नाम की आईडी से भी अश्लील फोटो भी भेजी गई। पीड़िता ने डिस्चार्ज होने से पहले ही 16 फरवरी को अस्पताल से सीधे साइबर सेल पहुंचकर इसकी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद अप्रैल महीने में भी उसे दो अलग-अलग नंबरों से अश्लील कॉल आए। आईपी एड्रेस से पकड़ा गया शिकायत के तीन महीने बाद साइबर सेल की आईपी एड्रेस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी को नामजद किया है। एफआईआर में नाम जुड़ने पीड़िता की शिकायत के तीन महीने बाद साइबर सेल की आईपी एड्रेस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आईटी एक्ट और छेड़छाड़ का शून्य (Zero) पर केस दर्ज किया, जिसमें आरोपी अज्ञात लिखा। घटनास्थल कोतवाली क्षेत्र का होने से देहात थाने से डायरी कोतवाली थाने को भेजी गई। साइबर सेल ने संबंधित फेसबुक आईडी का आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर खंगाला, तो वह शास्त्री वार्ड निवासी सुनील राजपूत के नाम पर रजिस्टर्ड पाया गया। इस तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने एफआईआर में अज्ञात शब्द हटाकर उसका नाम शामिल किया।
नगरपालिका कार्यालय में देखा जा रहा था आरोपी अपराध दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी कुछ दो तीन दिन तक छिपकर रहा। एफआईआर के बाद आरोपी सुनील राजपूत को नगर पालिका सीएमओ ने अतिक्रमण दल से हटा दिया था। दो दिन से वो नगर पालिका कार्यालय में घूमते दिख रहा था। शुक्रवार को पुलिस ने उसे अरेस्ट कर थाने ले आई।
आईटी एक्ट और पीएम आवास घोटाले में आ चुका नाम आरोपी सुनील के खिलाफ इससे पहले 2023 में देहात थाने में भी आईटी एक्ट का केस दर्ज हो चुका है। इसके अलावा नगर पालिका में 2018-19 में प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए घोटाले में भी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी सुनील राजपूत के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
बावजूद उसे नगर पालिका के अधिकारी द्वारा अतिक्रमण दल का प्रभारी बनाया गया। अतिक्रमण दल प्रभारी रहने के दौरान भी सुनील काफी विवादों में रहा। समय समय उसके खिलाफ आरोप भी लगे।यह जानकारी नर्मदापुरम से जितेन्द्र मेहरा द्वारा दी गई
