वन सुरक्षा समितियों में लाखों का गबन:फर्जी मजदूर और फर्जी काम दिखाकर राशि निकाली, दो आरोपी गिरफ्तार

बैतूल जिले के बीजादेही थाना क्षेत्र में वन सुरक्षा समितियों में लाखों रुपये के गबन और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। दोनों आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था।


पुलिस के अनुसार, मामला वर्ष 2022 से 2023 के बीच का है। रामपुर भतोड़ी परियोजना मंडल के चूनाहजूरी क्षेत्र की वन सुरक्षा समितियों में फर्जी मजदूर और नकली काम दिखाकर सरकारी राशि निकाली गई थी। बिना काम कराए सरकारी पैसे अलग-अलग खातों में भेजकर उनका गलत इस्तेमाल किया गया।

परियोजना क्षेत्र अधिकारी दिनेश झारिया ने 6 जनवरी 2025 को बीजादेही थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में माटीगढ़, चिखली, तेंदूखेड़ा, आवरिया और काजली वन सुरक्षा समितियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई। जांच में लाखों रुपए के गबन की पुष्टि हुई है।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और फर्जी दस्तावेज बनाने सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपियों में गोविंद वासनिक और चंद्रेश परते परियोजना में डिप्टी रेंजर के पद पर पदस्थ थे। वहीं अन्य आरोपी वन सुरक्षा समितियों के अध्यक्ष और पदाधिकारी हैं। पुलिस पहले ही गोविंद वासनिक, चंद्रेश परते, ओमप्रकाश सरियाम और धनाराम यादव को गिरफ्तार कर चुकी है।

दो फरार आरोपी भी पकड़े गए

अब पुलिस ने फरार चल रहे समिति अध्यक्ष प्रेमलाल सरियाम और रम्मु कुमरे को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों घटना के बाद से फरार थे। उनकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने इनाम घोषित किया था।

एसडीओपी शाहपुर राजेश तिवारी और थाना प्रभारी बीजादेही निरीक्षक आर.के. मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को पकड़ा।


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