कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शुक्रवार (29 मई) को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कैबिनेट तत्काल प्रभाव से भंग हो गई। हालांकि, नई सरकार के गठन तक सिद्धारमैया कार्यवाहक CM के तौर पर अपने पद पर बने रहेंगे।नई सरकार के गठन की तैयारियां शुरू
कर्नाटक में अब नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और होने वाले मुख्यमंत्री DK शिवकुमार और निवर्तमान सीएम सिद्धारमैया ने शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। इस बैठक में कैबिनेट फेरबदल और नई सरकार के गठन को लेकर चर्चा हुई।
इससे पहले सिद्धारमैया ने सुबह 10 जनपथ जाकर कांग्रेस चेयरपर्सन सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे। इसके बाद सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी अलग से मुलाकात की।
कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों की मानें तो सिद्धारमैया कैबिनेट के कई मंत्रियों को DK शिवकुमार की सरकार में जगह नहीं मिलेगी। सोशल और रीजनल बैलेंस बनाए रखने के लिए चार उपमुख्यमंत्री बनाने की भी संभावना जताई जा रही है।
सिद्धारमैया के बेटे और विधान परिषद सदस्य यतींद्र सिद्धारमैया को नई कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। उन्हें अहम मंत्रालय देकर सिद्धारमैया की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश देने की भी तैयारी है।


