महामारी फैलने की आशंका जताई
नर्मदापुरम। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक
कानूनगो ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने नर्मदा नदी में गंदे नालों का पानी मिलने और खुले में संचालित हो रही मीट दुकानों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। कानूनगो ने कहा कि नालों का गंदा पानी सीधे नर्मदा नदी में मिल रहा है, जिससे गंभीर प्रकार की महामारी फैलने का खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने इसे लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक बताते हुए जिला प्रशासन को ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रियंक कानूनगो ने बताया कि शहर के निरीक्षण के दौरान एक मोहल्ले और एक घाट का नाम जातिसूचक शब्दों से प्रचलित पाया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण संबंधी प्रावधानों की भावना के अनुसार ऐसे नाम आपत्तिजनक हैं। उन्होंने कहा कि किसी वार्ड, मोहल्ले या नदी घाट का जातिसूचक नाम मानवाधिकारों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इस संबंध में जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है और प्रशासन ने नाम परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है।

